उत्तर प्रदेश में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (BOCW) पंजीकरण विशेष रूप से उन मजदूरों के लिए है जो निर्माण कार्यों (जैसे मिस्त्री, लेबर, पेंटर, प्लंबर आदि) में लगे हैं। इसे लेबर कार्ड या मजदूरी कार्ड भी कहा जाता है।
निर्माण श्रमिक पंजीकरण की मुख्य विशेषताएं
- सरकारी पहचान: यह आपको एक पंजीकृत 'निर्माण श्रमिक' के रूप में मान्यता देता है।
- अनेक योजनाओं का संगम: एक बार पंजीकरण होने पर आप शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह और आवास से जुड़ी लगभग 15+ सरकारी योजनाओं के पात्र हो जाते हैं।
- वार्षिक नवीनीकरण: इस कार्ड को सक्रिय रखने के लिए हर साल या 3 साल में एक बार मामूली शुल्क देकर रिन्यू कराना पड़ता है।
- DBT लाभ: सभी योजनाओं की सहायता राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेजी जाती है।
इसके प्रमुख लाभ (योजनाएं)
- कन्या विवाह सहायता: बेटी की शादी के लिए ₹55,000 से ₹1,00,000 तक की आर्थिक मदद।
- मातृत्व एवं शिशु हितलाभ: बच्चे के जन्म पर ₹20,000 से ₹25,000 तक की सहायता।
- शिक्षा सहायता: बच्चों की पढ़ाई के लिए सालाना ₹8,000 से ₹22,000 तक की छात्रवृत्ति।
- आवास सहायता: घर बनाने या मरम्मत के लिए ₹1,00,000 तक का अनुदान।
- मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता: कार्य के दौरान मृत्यु होने पर ₹5,00,000 और सामान्य मृत्यु पर ₹2,00,000 की मदद।
- फ्री साइकिल/टूलकिट: काम पर जाने के लिए साइकिल या औजार खरीदने हेतु पैसे।
पात्रता और दस्तावेज
- आयु: 18 से 60 वर्ष के बीच।
- कार्य अनुभव: पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया हो।
- दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, नियोजक प्रमाणपत्र (जहाँ काम किया उसका सबूत) और पासपोर्ट फोटो।
लाभ (पंजीकरण) प्राप्त करने की प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन: UPBOCW पोर्टल पर जाएं।
- श्रमिक पंजीयन: 'श्रमिक पंजीयन/संशोधन' विकल्प पर क्लिक करें।
- विवरण भरें: अपना आधार नंबर, मंडल और जनपद चुनें। ओटीपी के जरिए मोबाइल नंबर सत्यापित करें।
- फॉर्म सबमिट: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, कार्य का प्रकार और बैंक विवरण भरें।
- शुल्क: पंजीकरण शुल्क (लगभग ₹20-50) का भुगतान करें।
- सत्यापन: श्रम विभाग के अधिकारी आपके कार्य का सत्यापन करेंगे, जिसके बाद आपका लेबर कार्ड जारी हो जाएगा जिसे आप ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि पंजीकरण के बाद किसी विशेष योजना (जैसे शादी या साइकिल) के लिए आवेदन कैसे करें?
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में नियोजित श्रमिक असंगठित क्षेत्र के श्रमिक है, जो अत्यंत ही गरीब व शोषित वर्ग से संबंधित होते है। ऐसे स्थिति में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के नियोजन और सेवा-शर्तों का विनियमन करने तथा उनकी सुरक्षाा स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधित उपाय प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम-1996 पारित किया गया, जिसके क्रम में उ0प्र0 सरकार द्वारा 04 फरवरी 2009 को उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) नियमावली का प्रख्यापन किया गया। उक्त अधिनियम की धारा-18(1) में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का गठन किया गया
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