In the vision of Digital India, We are connecting people empowering them as to serve people by their own hands with the help of technology. We are working just like a common service center. Digital Public Seva is a registered partnership firm having GSTIN 09AAVFP4415F1ZX111
मै वर्ष 1997 मे UP Asbestos लिमिटेड मोहनलाल गंज लखनऊ के सिमेन्ट प्लांट का शिफ्ट इंचार्ज रह चुका हूँ। उससे पहले मोहन meakin ब्रेवएरीज़ लिमिटेड डालीगंज लखनऊ मे शराब बनाने का कार्य किया है। उससे पहले नैशनल फर्टिलाइज़र्स लिमिटेड नांगल यूनिट पंजाब मे urea खाद बनाने का कार्य किया है। वर्ष 2000 मे एक कंप्युटर ट्रैनिंग सेंटर का उद्घाटन करवाकर नई दिशा मे चल पड़ा। केमिकल इंजीनियर होने के बावजूद मेरा मन कंप्युटर मे ज्यादा लगता था। तभी पब्लिक साइंस जूनियर हाईस्कूल को सरकार से मान्यता मिल गई।
बचपन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखाओ मे गुजरा, जबकि समाज कार्य अरविन्द केजरीवाल, मेधा पाटकर, अरुणा राय, संदीप पांडे, शैलेन्द्र सिंह आदि के साथ मिलकर किया है। इसी दौरान केंद्र सरकार की तरफ से डिजिटल इंडिया कान्सेप्ट पर बार बार मीटिंग होने लगी और देश मे इस पर चर्चा तेज हो गई। सीतापुर के तत्कालीन DM आमोद कुमार और हरदोई के DM अभिषेक सिंह की मीटिंग हुई जिसमे सौभाग्य से मै भी उपस्थित था। मीटिंग मे लोकवाणी केंद्र खोले जाने की पटकथा लिखी गई। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद पूरे देश के लिए लोकवाणी चालू कर दी गई। इसकी सफलता के फलस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने ई डिस्ट्रिक्ट सुविधा चालू कर दी, साथ ही अन्य राज्य सरकार ने भी इसी तर्ज पर अलग अलग नाम से जनसेवा का रास्ता खोल दिया। इसी दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू हो गया और देश भर मे सरकारी विभागों का डिजिटल होने का सिलसिला प्रारंभ हो गया और CSC समेत कुछ कंपनी देश भर मे डिजिटल रास्ते पर काम करने लगी।
डिजिटल इंडिया के तहत यह तय हुआ था कि गाँव-गाँव मे जो केंद्र खोले जाएंगे, उन पर आने वाली जनता की सभी जरूरते एक ही केंद्र से पूरी हो जाएगी। किन्तु व्यवहार मे देखा गया कि कोई पैन कार्ड बना रहा है, कोई पासपोर्ट, कोई epfo , कोई बैंकिंग, आदि कार्य कर रहा है। किन्तु एक भी केंद्र ऐसा नहीं दिखाई दिया जहां पर सभी सेवाएं मिल सकें। तब डिजिटल पब्लिक सेवा की पटकथा लिखी गई।
डिजिटल पब्लिक सेवा एक ऐसा प्लेट फॉर्म है, जिससे जुड़ा कोई भी व्यक्ति उतना ही ताकतवर होता है, जितना कि मै। यहाँ हर प्रकार की सेवा हर कोई दे सकता है। चाहे उसके पास ज्ञान कम हो, अथवा संसाधन कम हो। पहले से जनसेवा या csc केंद्र संचालक भी हमसे जुड़कर अपनी आय मे वृद्धि कर सकते है। हमारे द्वारा दी जाने वाली मुफ़्त ट्रैनिंग ही आपकी ताकत बनती है। यह क्षमता डिजिटल पब्लिक सेवा की टेक्नॉलजी के जरिए प्राप्त होती है।
टेक्नॉलजी की ही ताकत है कि ईरान के सामने अमेरिका को लोहे के चने चबाने पड़ रहे है। क्यूंकि ईरान की व्यवस्था के अनुसार वहाँ पर हर सैनिक के पास सुप्रीम पावर प्राप्त है। उसको दुश्मन पर वार करने के लिए किसी के आदेश की आवश्यकता नहीं। चाहे खमनेई की मृत्यु हो जाए, किन्तु सेना अपना कार्य करती रहती है।
We work on cutting-edge technology. We are connecting common people with the professional and experts. Digital Public Seva provides opportunity to those people who have been left out of resources, technology or legal experience also. We provide you the opportunity to get a good income. Our free live support and regular monitoring of services gives you special emphasis. Online services & payments with doorstep delivery is our mission mode job.
DIGITAL in the sense of digitalization of Indian institutions. India is becoming now Digital India. Most of the institutions are using websites, software, cloud based services and other digital platform to perform their activity. Indian people are using these digital platforms to get institutional services.PUBLIC means Indian people. SEVA means ‘selfless service’. It involves acting selflessly and helping others in a variety of ways, without any reward or personal gain. It demonstrates belief in equality and the importance of all people. Showing love and respect by helping others shows love for God.
Benefits of DIGITAL PUBLIC SEVA.
Key functions and services
Guru Granth Sahib 286