TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) एक 10 अंकों का अल्फ़ान्यूमेरिक नंबर होता है जिसे आयकर विभाग उन संस्थाओं या व्यक्तियों को जारी करता है जो TDS (Tax Deducted at Source) या TCS (Tax Collected at Source) काटते हैं।
👉 सरल शब्दों में, अगर कोई कंपनी, संस्था या व्यक्ति किसी भुगतान पर टैक्स काटता है (जैसे वेतन, ब्याज, ठेकेदार को भुगतान आदि), तो उसे TAN नंबर लेना अनिवार्य होता है।
TAN कार्ड के लाभ और उपयोग
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कानूनी अनिवार्यता: बिना TAN नंबर के TDS/TCS जमा नहीं किया जा सकता।
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ट्रैकिंग में सुविधा: TAN से टैक्स कटौती और जमा की जानकारी ट्रैक होती है।
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पारदर्शिता: सरकार को यह पता चलता है कि किसने कितना टैक्स काटा और जमा किया।
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व्यवसायिक विश्वसनीयता: TAN होने से कंपनी या संस्था की टैक्स अनुपालन स्थिति मजबूत होती है।
💡 TAN कार्ड कैसे प्राप्त करें? आप इसे Protean eGov Technologies (पूर्व में NSDL) की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं।
आवेदन शुल्क ₹77 है और आवेदन के बाद TAN नंबर जारी कर दिया जाता है।