उत्तर प्रदेश में मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) बनवाने की प्रक्रिया मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि मृत्यु को हुए कितना समय बीत चुका है।
आवेदन की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, मृत्यु का पंजीकरण मृत्यु के 21 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है।
- ऑनलाइन विधि:
- आधिकारिक Civil Registration System (CRS) पोर्टल पर जाएँ।
- वेबसाइट पर लॉग-इन करें और "Death Registration" विकल्प चुनें।
- मृतक का विवरण, मृत्यु की तिथि और स्थान जैसी आवश्यक जानकारी भरें।
- संबंधित दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें।
- ऑफलाइन विधि:
- शहरी क्षेत्र: अपने स्थानीय नगर निगम (Municipal Corporation), नगर पालिका या नगर पंचायत कार्यालय के 'जन्म-मृत्यु अनुभाग' में संपर्क करें।
- ग्रामीण क्षेत्र: अपने क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारी (VDO) या पंचायत सचिव (Secretary) से मिलें।
- निर्धारित आवेदन पत्र भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करें।
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए निम्नलिखित कागजातों की आवश्यकता होती है:
- अस्पताल की रिपोर्ट: यदि मृत्यु अस्पताल में हुई है, तो अस्पताल द्वारा जारी मृत्यु पर्ची।
- मृतक का पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड या पैन कार्ड की छायाप्रति।
- आवेदक का पहचान प्रमाण: आवेदन करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड।
- शपथ पत्र: यदि मृत्यु घर पर हुई है, तो परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्व-सत्यापित घोषणापत्र।
देरी होने पर नियम
- 21 दिन के बाद: यदि आप 21 दिन के भीतर पंजीकरण नहीं कराते हैं, तो आपको देरी शुल्क (Late Fee) देना होगा और पंजीकरण के लिए अतिरिक्त औपचारिकताओं की आवश्यकता हो सकती है।
- 1 वर्ष के बाद: यदि मृत्यु को 1 वर्ष से अधिक समय हो गया है, तो उप-जिलाधिकारी (SDM) का आदेश आवश्यक होता है।
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